38 साल का नीर जिंदगी ठीक चल रही थी । नौकरी, परिवार, जिम्मेदारियाँ।
लेकिन एक चीज़ धीरे-धीरे उसे अंदर से तोड़ रही थी… उसका बढ़ता हुआ वजन — 85 किलो ऑफिस से घर लेट पहुंचने के कारण थकावट हो जाती
सोने के पहले सोचता कल से डाइट और एक्सरसाइज शुरू करूँगा पर अगले दिन लेट उठता और ऑफिस का टाइम हो जाता तो ऑफिस के लिए निकल जाता रोज यही चलता
एक दिन ऑफिस से घर लौटा तब उसके बेटे ने कहा कि पापा आपका वजन ज्यादा लग रहा है ।
बस… वही दिन था।
नीर को एहसास हुआ — ये सिर्फ वजन नहीं, उसकी लाइफस्टाइल का नतीजा है
उसने अगले दिन से निश्चय किया कि कल से एक्सरसाइज और डाइट करेगा । और उसने अगले दिन से स्टार्ट किया फिर दिन निकलते गए
6 महीने बाद उसके वजन में काफी अंतर आया
वजन: 85kg - 70kg तक कम हो गया
शरीर बदला उसके साथ सोच बदली जिंदगी बदल गई
और सबसे बड़ी जीत?
उसका बेटा बोला: “पापा, आपने वजन कैसे कम किया आप मेरे सुपरहीरो हो। उस दिन उसे बहुत खुशी हुई ”
मोटापा शरीर में नहीं, आदतों में होता है
"बदलाव एक दिन में नहीं बल्कि हर दिन के फैसलों से आता है और ये बहुत जरूरी अगर आप खुद से जीत गए, तो दुनिया खुद हार जाएगी